GST Updates in Hindi till 30th May 2017, Latest GST News in Hindi

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GST Updates in Hindi till 30th May 2017, Latest GST News in Hindi (जीएसटी अपडेट्स हिंदी में 30 मई 2017 तक, नवीनतम जीएसटी न्यूज हिंदी में). Goods & Services Tax updates in Hindi, Goods & Services Tax latest News in Hindi. Now check more details from below…

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GST Updates in Hindi till 30th May 2017

GST में सोलर पैनल के सामान पर 18 की जगह अब 5% टैक्स लगेगा: सरकार

सोलर पैनल इक्विपमेंट्स पर जीएसटी के तहत 5% के कम रेट से टैक्स लगेगा। जबकि शुरुआत में इस पर 18% के रेट से जीएसटी लगाए जाने का प्रपोजल था। रेवेन्यू सेक्रेटरी हसमुख अढिया ने इंडस्ट्री की ओर से ट्विटर पर पूछे गए एक सवाल के जवाब में यह जानकारी दी है।18% की दर पर फिर से हो सकता है विचार..

  • न्यूज एजेंसी के मुताबिक ऑफिशियल्स ने सोमवार को बताया कि जीएसटी काउंसिल सोलर इक्विपमेंट पर 18% से टैक्स लगाए जाने के फैसले पर फिर से विचार कर सकती है। इन्हें जीएसटी रेट शेड्यूल के क्रमांक 85 में डायोड्स, ट्रांजिस्टर्स और इसी तरह के सेमीकंडक्टर डिवाइस, फोटो वोल्टिक सेलस समेत फोटो सेंसेंटिव सेमीकंडक्टर डिवाइस, एलईडी के साथ रखा गया है।
  • “जबकि सोलर वाटर हीटर और सिस्टम, रीन्यूबल एनर्जी डिवाइसेस (अक्षय ऊर्जा उपकरण) और इसके स्पेयर पार्ट्स, सोलर पावर जनरेटिंग सिस्टम और विंड मिल और विंड ऑपरेटड इलेक्ट्रिसिटी जनरेटर को काउंसिल ने 5% के दायरे में रखा है। इस पर इंडस्ट्री में भ्रम की स्थिति थी कि जब ये चीजें 5% टैक्स के दायरे में रखी जा सकती हैं तो फिर सोलर पैनल इक्विपमेंट्स को 18% के दायरे में क्यों रखा गया है?”जीएसटी अपडेट्स 2017

सरकार का क्या है लक्ष्य?

भारत ने 2022 तक रीन्यूबल एनर्जी (अक्षय ऊर्जा) से 175 गीगावाट बिजली पैदा करने की कैपेबिलिटी हासिल करने का लक्ष्य रखा है। इसमें 100 गीगावाट बिजली सोलर पैनल से पैदा करना शामिल है। इसके लिए 6 लाख करोड़ रुपए के इन्वेस्टमेंट की जरूरत होगी। इसलिए सोलर पावर इक्विपमेंट्स पर कम टैक्स के दायरे में रखना जरूरी है।

GST Update 27th May 2017

टेलीकॉम कंपनियां GST के फायदे कस्टमर्स तक पहुंचाएं: फाइनेंस मिनिस्ट्री

सरकार का असेसमेंट (आकलन) है कि जीएसटी लागू होने पर टेलीकॉम सर्विसेज भी सस्ती होनी चाहिए। फाइनेंस मिनिस्ट्री ने इस बारे में एक बयान जारी किया है। इसके मुताबिक नए टैक्स सिस्टम में कंपनियों को ज्यादा इनपुट टैक्स क्रेडिट मिलेगा। स्पेक्ट्रम पर इनपुट क्रेडिट के रूल्स में बदलाव से भी कंपनियों को फायदा होगा। मिनिस्ट्री का कहना है कि कंपनियों को कॉस्ट और क्रेडिट का नए सिरे से इवैल्यूएशन (मूल्यांकन) करना होगा। सर्विसेज की कीमत भी उसी हिसाब से तय करनी पड़ेगी। यह तय करना होगा कि टैक्स क्रेडिट के रूप में मिलने वाले फायदे को कम कीमत के रूप में कस्टमर्स तक पहुंचाया जाए। अभी टेलीकॉम सर्विसेज पर 14% सर्विस टैक्स…

अभी टेलीकॉम सर्विसेज पर 14% सर्विस टैक्स के साथ 0.5% क्लीन इंडिया सेस और इतना ही एग्रीकल्चर वेलफेयर सेस लगता है। सेस पर इनपुट क्रेडिट नहीं मिलता। जीएसटी में टेलीकॉम सर्विसेज पर 18% टैक्स लगेगा, लेकिन इसके साथ इनपुट टैक्स क्रेडिट की फैसिलिटी भी होगी। कंपनियां इनपुट के तौर पर जिन गुड्स और सर्विसेज का इस्तेमाल करेंगी, उन पर चुकाए गए टैक्स का क्रेडिट मिलेगा।

देश में खरीदे गए और इम्पोर्टेड गुड्स पर मिलेगा पूरा इनपुट टैक्स क्रेडिट

अभी गुड्स पर चुकाए गए वैट या इम्पोर्टेड गुड्स पर स्पेशल एडिशनल ड्यूटी का क्रेडिट नहीं मिलता है। नए टैक्स सिस्टम में देश में खरीदे गए और इम्पोर्टेड गुड्स पर आईजीएसटी का भी क्रेडिट मिलेगा। अनुमान है कि एडीशनल इनपुट टैक्स क्रेडिट टेलीकॉम इंडस्ट्री के टर्नओवर का 2% होगा।

GST Update 26th May 2017

GST में चाय-कॉफी-मिल्क पाउडर पर 2-3% कम लगेगा टैक्स, दाम घटने के आसार – जीएसटी लागू होने पर चीनी, चाय, कॉफी और मिल्क पाउडर पर टैक्स की दर कम हो जाएगी। अभी इन पर 7 से 8% टैक्स लगता है। जीएसटी में यह घटकर 5% रह जाएगा। इससे इनके दाम घटने के आसार हैं।

  • फाइनेंस मिनिस्ट्री के मुताबिक, मौजूदा सिस्टम में प्रति क्विंटल चीनी पर 71 रुपए एक्साइज ड्यूटी के साथ 124 रुपए शुगर सेस लागू होता है। यह 6% के आसपास बनता है। सीएसटी, ऑक्ट्रॉय और एंट्री टैक्स जोड़ने पर कुल टैक्स 8% हो जाता है। जीएसटी में यह 3% कम होकर 5% रह जाएगा।
  • मिल्क पाउडर, चाय और कॉफी (इंस्टैंट नहीं) पर अभी एक्साइज 0% है। राज्यों का औसत वैट 5% है। सीएसटी, ऑक्ट्रॉय और एंट्री टैक्स जोड़ने पर कुल टैक्स 7% हो जाता है। जीएसटी में यह सिर्फ 5% रह जाएगा।

GST Update 25th May 2017

GST में हाइब्रिड कारों पर घट सकता है टैक्स रेट, इंडस्ट्री 43% से नाखुश

गुड्स और सर्विसेस पर जीएसटी रेट की घोषणा के साथ ही इंडस्ट्री सेक्टर अपने प्रोडक्ट पर टैक्स कम कराने की कोशिशों में जुट गए हैं। हाइब्रिड कारों पर 28% टैक्स के साथ 15% सेस भी रखा गया है। इस तरह कुल टैक्स लग्जरी कारों के बराबर 43% हो गया है। जीएसटी काउंसिल की 3 जून की मीटिंग में इसे कम करने के प्रपोजल पर विचार हो सकता है। अभी इन पर 12.5% एक्साइज, 1% नेशनल डिजास्टर टैक्स, 2% सीएसटी और 12.5% औसत वैट लागू होता है। कुल टैक्स 30.3% हो जाता है।

रेवेन्यू डिपार्टमेंट के एक ऑफिशियल ने बताया कि इंडस्ट्री की मांग पर काउंसिल की मीटिंग में विचार होगा। देश में जो हाइब्रिड कारें बिकती हैं, उनमें टोयोटा की कैमरी, प्रायस और होंडा की एकॉर्ड प्रमुख हैं। इनकी कीमत 32 से 39 लाख रुपए तक है। टोयोटा किर्लोस्कर के वाइस चेयरमैन शेखर विश्वनाथन ने कहा कि ज्यादा टैक्स एन्वायरन्मेंट के खिलाफ है। ऑटो इंडस्ट्री मझोली कारों पर 43% टैक्स से भी नाखुश है।

GST Update 24th May 2017

DTH सस्ता होगा, स्मार्टफोन और मेडिकल इक्विपमेंट्स के रेट भी घटेंगे – जीएसटी (गुड्स एंड सर्विस टैक्स) लागू होने के बाद केबल और डीटीएच सर्विसेस सस्ती हो जाएंगी। स्मार्टफोन, मेडिकल इक्विपमेंट्स, आयुर्वेदिक और होम्योपैथिक दवाएं और सीमेंट के दाम भी घटेंगे। फाइेंनस मिनिस्ट्री ने मंगलवार को जारी एक बयान में यह बात कही है। इसके मुताबिक, अभी केबल और डीटीएच पर 15% सर्विस टैक्स के साथ राज्यों का एंटरटेनमेंट टैक्स भी लगता है। यह 10-30% तक है। जीएसटी में सिर्फ एक टैक्स 18% की दर से लगेगा। सिनेमा टिकट पर अभी सर्विस टैक्स के साथ एंटरटेनमेंट टैक्स लगता है। मंत्रालय का कहना है कि एंटरटेनमेंट टैक्स राज्यों में 100% तक है, लेकिन जीएसटी सिर्फ 28% लगेगा।

क्या है GST?

  • GST का मतलब गुड्स एंड सर्विसेस टैक्‍स है। इसको केंद्र और राज्‍यों के 17 से ज्‍यादा इनडायरेक्‍ट टैक्‍स के बदले में लागू किया जाएगा। ये ऐसा टैक्‍स है, जो देशभर में किसी भी गुड्स या सर्विसेस की मैन्‍युफैक्‍चरिंग, बिक्री और इस्‍तेमाल पर लागू होगा।
  • इससे एक्‍साइज ड्यूटी, सेंट्रल सेल्स टैक्स (सीएसटी), स्टेट के सेल्स टैक्स यानी वैट, एंट्री टैक्स, लॉटरी टैक्स, स्टैम्प ड्यूटी, टेलिकॉम लाइसेंस फीस, टर्नओवर टैक्स, बिजली के इस्तेमाल या बिक्री और गुड्स के ट्रांसपोर्टेशन पर लगने वाले टैक्स खत्म हो जाएंगे।
  •  सरल शब्‍दों में कहें तो जीएसटी पूरे देश के लिए इनडायरेक्‍ट टैक्‍स है, जो भारत को एक समान बाजार बनाएगा। जीएसटी लागू होने पर सभी राज्यों में लगभग सभी गुड्स एक ही कीमत पर मिलेंगे। अभी एक ही चीज के लिए दो राज्यों में अलग-अलग कीमत चुकानी पड़ती है। इसकी वजह अलग-अलग राज्यों में लगने वाले टैक्स हैं। इसके लागू होने के बाद देश बहुत हद तक सिंगल मार्केट बन जाएगा।

सरकार ने ट्विटर पर दिए लोगों के सवालों के जवाब

Q. (गुरजीत सिंह) : क्या जीएसटीएन रिटर्न दाखिल करने के लिए एप्लीकेशन प्रोग्रामिंग इंटरफेस (एपीआई) या कोई अपलोड टूल अवलेबल कराएगा?
A.जीएसटी के लागू होने के बाद एक ऑफ लाइन यूटिलिटी अवलेबल होगी।

Q. (नवीन काबरा) : जीएसटी के रिटर्न के फॉर्मेट और इससे संबंधित एपीआई को कब तक अंतिम रूप दे दिया जाएगा?
A. जीएसटी रिटर्न के फॉर्मेट जीएसटी काउंसिल की 3 जून को होने वाली 15वीं बैठक में अंतिम रूप दिए जाने के आसार हैं।

Q. (अशोक दत्ता) : प्रोविजलन यूजर आईडी और पासवर्ड का अभी भी इंतजार कर रहा हूं। मुझे क्या करना चाहिए?
A. अपने राज्य के सेल्स टैक्स डिपार्टमेंट से कॉन्टेक्ट करें।

Q. (दीपक कुलश्रेष्ठ) : एक जून से जीएसटी रजिस्ट्रेशन शरू हो रहा है। क्या यह उन लोगों के लिए है जो वैट या सेल्स टैक्स नहीं देते हैं और रजिस्ट्रेशन कराना चाहते हैं?
A.यह सिर्फ टैक्सपेयर्स के मौजूदा सिस्टम से जीएसटी सिस्टम से जुड़ने के लिए है।

Q. (प्रदीप) : एक्सपोर्ट के मामले में जीएसटी की रकम सीधे खाते में आएगी? या फिर रिबेट के लिए कागजात दाखिल करने होंगे?
A.रिफंड/रिबेट के लिए एप्लिकेशन देना होगा। इसकी प्रोसेसिंग के बाद जितनी रकम देय होगी वह सीधे बैंक खाते में चली जाएगी।

 

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