GST Registration in Hindi (जीएसटी रजिस्ट्रेशन) – Procedure, Rules 2017

0

GST Registration in Hindi (जीएसटी रजिस्ट्रेशन) – Procedure, Rules 2017

GST Registration in Hindi (जीएसटी रजिस्ट्रेशन) – Procedure, Rules 2017. GST रजिस्ट्रेशन के लिए आज से 15 दिन के लिए फिर खुली विंडो (01-06-2017 to 15-06-2017). सरकार की गुड्स और सर्विस टैक्स (जीएसटी) 1 जुलाई से लागू करने की तैयारी है। इसके लिए सरकार ने जीएसटी में रजिस्ट्रेशन के लिए 1 से 15 जून तक के लिए फिर से विंडो खोली है। इससे पहले जीएसटी रजिस्ट्रेशन की डेडलाइन 30 अप्रैल 2017 थी, लेकिन तब तक केवल 65 फीसदी कारोबारियों का रजिस्ट्रेशन ही हुआ था। इसलिए सरकार ने एक बार फिर GST रजिस्ट्रेशन की विंडो खोल दी है। आपके पास 15 दिन का समय है। अगर आपने 15 जून तक रजिस्ट्रेशन नहीं कराया तो आपको इनपुट क्रेडिट और वैट रिफंड लेना मुश्किल हो जाएगा।

FAQ on Input Tax Credit under GST

गुड्स और सर्विस टैक्स (जीएसटी) का आईटी सिस्टम सिक्योर और बेस्ट क्लास का बनाया गया है। जीएसटी नेटवर्क (जीएसटीएन) के सीईओ प्रकाश कुमार के मुताबिक देश के नए इनडायरेक्ट टैक्स सिस्टाम का आईटी नेटवर्क साइबर अटैक से सुरक्षित रहेगा।

GST Registration in Hindi (जीएसटी रजिस्ट्रेशन)

15 जून है नई डेडलाइन (GST Registration  Last Date) 

जीएसटी लागू होने के बाद मौजूदा कानून में सेल्स टैक्स, एक्साइज टैक्स, एंट्री टैक्स, एंटरटेनमेंट टैक्स, सर्विस टैक्स, वैट जैसे टैक्स खत्म हो जाएंगे। ऐसे में आपको बिजनेस करने के लिए 15 जून तक जीएसटी के पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन कराना जरूरी है।

GST Migration Window is re-open from today (01-06-2017), please login by using below links and complete your GST Registration as soon possible…

यहां कराना होगा जीएसटी रजिस्ट्रेशन (GST Registration)

ट्रेडर्स और कारोबारियों को www.gst.gov.in पर जाकर अपने आप को एनरोल कराना होगा।

  •  ट्रेडर्स और कारोबारियों को अपना यूजर नाम (प्रॉविजनल आईडी) और पासवर्ड लेना होगा। प्रॉविजनल आईडी और पासवर्ड आपको स्टेट वैट, सेंट्रल एक्साइज, सर्विस टैक्स अथॉरिटी से मिलेगा।
  • मौजूदा टैक्सपेयर्स उन्हें मिले प्रॉविजनल जीएसटीएन (गुड्स एंड सर्विस टैक्स आइडेंटिफिकेशन) नंबर से एनरोल करा सकते हैं। जीएसटीएन नंबर को प्रॉविजनल आईडी भी कहते हैं।
  • आपको अपना मोबाइल नंबर, ईमेल आईडी फीड करना होगा।
    आपके फोन नंबर पर ओटीपी आएगा उसे आपको फीड करना होगा।
  • आपको अपनी जानकारी और स्कैन्ड फोटो अपलोड करनी होगी।
  • पैन कार्ड, बैंक अकाउंट और आईएसएससी कोड की जानकारी फीड करनी होगी।
  • ये सभी जानकारी को फीड कर सबमिट कर दें।
  • सबमिट करने के बाद आपके रजिस्टर्ड ईमेल आईडी और मोबाइल नंबर पर रजिस्ट्रेशन की जानकारी आ जाएगी।

Check more details for GST Registration in English

एसीईएस पर भी कराना होगा रजिस्ट्रेशन (Register at ACES Portal for Provisional ID)

  • जीएसटी की वेबसाइट पर एनरोल कराने के बाद आपको यूजर नाम और पासवर्ड को ऑटोमेशन ऑफ सेंट्रल एक्साइज एंड सर्विस टैक्स (एसीईएस) की वेबसाइट https://www.aces.gov.in पर भी रजिस्ट्रेशन कराना होगा। यहां आप अपना टैक्स रिटर्न फाइल कर सकते हैं।
  • यदि आप जीएसटी पर माइग्रेट नहीं करना चाहते तो एसीईएस पोर्टल पर कन्फर्म कर दें और रिटर्न फाइल कर दें। ऐसा करने से आपकी आईडी और पासवर्ड कैंसल हो जाएगा। आप क्रेडिट माइग्रेशन नहीं कर पाएंगे।
  • सेंट्रल जीएसटी और स्टेट जीएसटी के लिए एक ही एनरोलमेंट नंबर होगा।

GST Registration Procedure for Existing Dealers with Screenshot

जीएसटी में एनरोल नहीं करने से होंगे ये नुकसान

  1. जीएसटी में रजिस्ट्रेश नहीं कराने से ट्रेडर्स और कारोबारियों को वैट व्यवस्था में बकाया टैक्स क्रेडिट, इनपुट क्रेडिट का लाभ नहीं मिल पाएगा।
  2. करोबारियों और ट्रेडर्स को वैट रिफंड नहीं मिल पाएगा।
  3. रिटर्न फाइल करने से पहले आपको जीएसटी पर रजिस्ट्रेशन कराना होगा। बिना रजिस्ट्रेशन के टैक्स रिटर्न फाइन नहीं कर पाएंगे।
  4. अकाउंटिंग और सिस्टम को नए टैक्स रेट के साथ अपग्रेड करा लें। सरकार इसके लिए ऐप और सॉफ्टवेयर भी लाएगी जिसे कारोबारी डाउनलोड कर सकते हैं।
  5. कंपोजिट स्कीम का फायदा नहीं उठा पाएंगे।

क्या है कम्‍पोजिट स्कीम

20 लाख रुपए से अधिक और 50 लाख रुपए तक के सालाना टर्नओवर वाले कारोबारी जीएसटी में आने वाली कम्‍पोजिट स्कीमका फायदा उठा सकते हैं। कम्‍पोजिट स्कीम के तहत टैक्स रेट कम है। इस स्कीम के तहत कारोबारियों को सिर्फ 2 फीसदी टैक्स चुकाना होगा।

Section 167 of GST

ये कारोबारी उठा सकते हैं फायदा

इस स्कीम का फायदा रिटेलर, होलसेलर, रेस्त्रां कारोबारी, एमएसएमई, मैन्युफैक्चर उठा सकते हैं। अगर इन कारोबारियों का सालाना टर्नओवर 20 लाख रुपए से अधिक और 50 लाख रुपए तक है। जीएसटी में आपको सालाना 2 फीसदी की दर से टैक्स चुकाना होगा।

अब तक 60.5 लाख लोग जीएसटीएन पर हुए रजिस्टर

जीएसटी आने पर करोड़ों की संख्या में परचेज और सेल इन्वॉइस नेटवर्क पर अपलोड होंगे। जीएसटीएन ने जीएसटी के लिए टेक्नोलॉजी मुहैया करा रहा है। जीएसटीएन के सीईओ प्रकाश कुमार ने कहा कि कंपनी 1 जुलाई से लागू होने वाले जीएसटी के लिए तैयार है। जीएसटीएन नवंबर 2016 से काम कर रही है। करीब 60.5 लाख एक्साइज, सर्विस टैक्स और वैट असेसी जीएसटीएन में माइग्रेट कर चुके हैं।

जीएसटीएन नेटवर्क है सेफ

जीएसटी को लागू करने की तारीख करीब आ रही है, ऐसे में जीएसटीएन को कई तरह साइबर खतरों का सामना करना पड़ सकता है। हालिया हमले और कुछ महीने पहले लीजन ग्रुप द्वारा सोशल मीडिया की हैकिंग के बाद साइबर सिक्यॉरिटी को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं। इस पर कुमार ने कहा कि इनसे निपटने के लिए काफी काम किया है।

कई गुड्स-सर्विसेज पर रेट्स में संशोधन की गुंजाइशः अढिया

वहीं अढिया ने कहा, ‘एक बात पर हम सहमत हैं कि कई गुड्स और सर्विसेस पर टैक्स रेट्स में सुधार की गुंजाइश बनी हुई है।’ वहीं सेंट्रल बोर्ड ऑफ एक्साइज एंड कस्टम चेयरपर्सन वनाजा सरना ने हाल में कहा था कि यदि किसी मामले में अधिकार क्षेत्र पर पुनर्विचार होता है तो रेट्स में संशोधन किया जा सकता है। ट्रेडर्स, एफएमसीजी और ऑटोमोबाइल्स सहित कई इंडस्ट्रीज और बिजनेसेज केंद्र सरकार से रेट्स रिवाइस करने की मांग कर रहे हैं।

Document Required for GST Registration

In case you are unable to upload any document, check the Internet connectivity, file size and format of the document you are trying to upload.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here