सिर्फ 32 लाख लोग ही 10 लाख से ज्यादा कमाते हैं? CAs से मोदी के 10 सवाल

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सिर्फ 32 लाख लोग ही 10 लाख से ज्यादा कमाते हैं? CAs से मोदी के 10 सवाल

 सिर्फ 32 लाख लोग ही 10 लाख से ज्यादा कमाते हैं? CAs से मोदी के 10 सवाल. यहां इंदिरा गांधी स्टेडियम में 68वें चार्टर्ड अकाउंटेंट डे के मौके पर नरेंद्र मोदी ने CAs से कई सवाल पूछे। नरेंद्र मोदी ने गुड्स एंड सर्विसेस टैक्स (GST) की देशभर में लॉन्चिंग के बाद शनिवार को पहली बार स्पीच दी। चार्टर्ड अकाउंटेंट्स के बीच पहुंचे मोदी ने कहा, ”बही को सही करने वाले मेरे साथियो! कोई भी देश बड़े से बड़े संकट से खुद को उबार कर सकता है। मेरी और आपकी देशभक्ति में कोई कमी नहीं है।” मोदी ने यह भी कहा, ” आपकी देशभक्ति मेरी देशभक्ति से जरा भी कम नहीं है। मैं आज पहली बार ये बातें बता रहा हूं। 3 लाख से ज्यादा रजिस्टर्ड कंपनियां ऐसी सामने आई हैं जिनका सारा लेनदेन शक के घेरे में है। सवालों के घेरे में है। उन पर सवालिया निशान लगा है।” मोदी ने क्या अहम बातें कहीं…

दुनिया में भारतीय सीए का डंका बजता है

“आप अर्थ तंत्र के बड़े स्तंभ हैं। आपके बीच आने मेरे लिए भी गर्व और शिक्षा हासिल करने का अवसर है। दुनिया भर में भारत के CA को उनकी समझ और बेहतरीन फाइनेंशियल स्किल्स के लिए जाना जाता है। आज मुझे अवसर मिला नए चार्टर्ड अकाउंटेंसी कर्रिकुलम कोर्स की शुरुआत करने का मौका मिला। आपके डायनमिक कोर्स और एग्जाम की अलग पहचान रही है। मुझे उम्मीद है कि नया कोर्स इस प्रोफेशन में आने वाले लोगों की फाइनेंशियल स्किल्स को और मजबूत करेगा। अब हमारे इस इंस्टीट्यूशन को ग्लोबल बेंच मार्क के हिसाब से ह्यूमन रिसोर्स डेवलप करने में लगातार प्रयास करना होगा। हमारी कोशिश में अकाउंटेंट टीम की टेक्नोलॉजिकल चीजों को कैसे लाएं, क्या इनोवेशन करें, नए सॉफ्टवेयर भी अपने आपमें बड़ा मार्केट है, जो आपका इंतजार कर रहा है।”

Section 26 of GST

यहां इंदिरा गांधी स्टेडियम में 68th चार्टर्ड अकाउंटेंट डे के मौके पर नरेंद्र मोदी ने चार्डर्ट अकाउंटेंट्स (CAs) से पूछा कि क्या देश में केवल 32 लाख लोग ही ऐसे हैं, जिनकी इनकम 10 लाख से ज्यादा है? मोदी ने कहा, “हर साल 2 करोड़ लोग विदेश घूमने जाते हैं, करोड़ों गाड़ियां खरीदी जाती हैं, फिर भी ऐसा आंकड़ा… ये चिंता का विषय है।” इससे पहले अरुण जेटली ने इस प्रोग्राम में कहा, “देश को विकसित बनाने के लिए देश के लोगों को टैक्स देना होगा टैक्स ना देना किसी का मौलिक अधिकार नहीं है।” मोदी ने CAs से पूछे 10 सवाल…

  • 1) नोटबंदी के दौरान CAs छुट्टियों से वापस आए, मुझे मालूम नहीं है कि वापसी के बाद आपने क्या काम किया?
  • 2) डिमोनेटाइजेश के दौरान वापसी के बाद आपने सही किया या गलत किया? 
  • 3) आपने जो काम किया, वो देश के लिए किया या क्लाइंट के लिए किया?
  • 4) नोटबंदी के बाद कोई तो होगा, जिसने इन कंपनियों की मदद की होगी?
  • 5) ऐसा क्या है कि 11 साल में सिर्फ 25 CAs पर कार्रवाई हुई है? मैंने सुना है कि आपके यहां 1400 से ज्यादा मामले लटके हैं?
  • 6) देश के नौजवानों के भविष्य के लिए क्या करेंगे? 
  • 7) क्या देश को पारदर्शी, भ्रष्टाचार मुक्त व्यवस्था देने में मदद नहीं करेंगे क्या?
  • 8) आपने कितने लोगों को हिसाब-किताब देने से बचाया? 
  • 9) ये हिसाब किताब नहीं होगा कि इतने लोगों को ईमानदारी से टैक्स देने के लिए प्रेरित किया? 
  • 10) लोगों को ईमानदारी से टैक्स देने की धारा में कैसे लाएंगे?

GST Composition Scheme

सिर्फ 32 लाख लोग ही 10 लाख से ज्यादा कमाते हैं? CAs से मोदी के 10 सवाल

मोदी ने गिनाए ये 5 आंकड़े

  • 1) 2.18 करोड़: इतने लोग हर साल विदेश घूमने फिरने जाते हैं।
  • 2) 32 लाख: इतने लोग ही हैं, जो इनकम 10 लाख से ज्यादा बताते हैं।
  • 3) 3 लाख: इस आंकड़े से ज्यादा ऐसी रजिस्टर्ड कंपनियां सामने आई हैं, जिनका लेन-देन शक के घेरे में है। उन पर सवालिया निशान है।
  • 4) 1 लाख: कंपनियों को 30 जून से पहले हमने काला बता दिया। रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज ने नाम हटा दिया।
  • 5) 37 हजार: इससे ज्यादा शेल कंपनियों की पहचान की है। ये कालाधन छुपाती थीं, हवाला कारोबार करती थीं।

सीए फील्ड को सरकार ने नया मौका दिया

“आप लोगों के पास जाकर उन्हें जागरूक करिए, ईमानदारी की धारा में आने के लिए प्रेरित करिए। CA फील्ड को नया मौका सरकार ने दिया है। नौजवानों को निमंत्रण देता हूं, पिछले दिनों हमने जो कानून पास किए हैं, इन्सॉल्वेंसी और बैंक करप्सी कोड को सफल बनाने में भी CA फील्ड के लोगों की बड़ी भूमिका है। जब भी कोई कंपनी दीवालिया होगी तो उसका प्रशासनिक नियंत्रण इन्सॉल्वेंसी प्रैक्टिशनर्स के पास आने वाला है। CA इन्सॉल्वेंसी प्रैक्टिशनर्स बनकर नए करियर की शुरुआत कर सकते हैं।”

सीए समाज के आर्थिक डॉक्टर

“जैसे डॉक्टर समाज के और व्यक्ति के शारीरिक स्वास्थ्य की चिंता करते हैं, वैसे ही आप पर समाज के आर्थिक स्वास्थ्य की जिम्मेदारी होती है। कोई डॉक्टर नहीं होगा ऐसा, जो लोगों को ये कहे कि ये खाओ, ऐसा करो और वैसा करो। डॉक्टर जानता है कि आप बीमार हो जाओगे तो उसकी आमदनी बढ़ जाएगी फिर भी वो सही चीज खाने को कहता है। हमारे देश की इकोनॉमी सही रहे, स्वस्थ्य रहे ये आप देखते हैं। ये सुखद संयोग है कि आज से ही आपका स्थापना दिवस और भारत के अर्थ जगत में एक नई राह का आरंभ दिवस, भारत में जीएसटी यानी गुड एंड सिम्पल टैक्स की शुुरुआत हुई है। मेरे लिए ये खुशी का विषय है कि इस ऐतिहासिक अवसर पर मैं आप सबके बीच हूं। ये मेरे लिए सौभाग्य है। देश की संसद ने एक पवित्र अधिकार दिया है। सही को सही और गलत को गलत कहने का, सर्टिफाइड करने का, ऑडिट करने का ये अधिकार, सिर्फ और सिर्फ आपके पास है।”

CAs से मोदी की 5 उम्मीदें

1) आर्थिक एकीकरण में भूमिका

मोदी बोले, “1947 में स्वतंत्रता के बाद देश की राजनीतिक एकीकरण के बाद अब आज आर्थिक एकत्रीकरण की यात्रा शुरू हो रही है। ये देश आपका है, आपकी संतानों का है इसलिए इस नए दौर का नेतृत्व आज आप लोग इस आर्थिक विकास की यात्रा का नेतृत्व करिए।”

2) क्लाइंट्स को ईमानदार बनाइए

“काले धन को खत्म करने के लिए, भ्रष्टाचार को खत्म करने के लिए अपने क्लाइंट्स को ईमानदारी के रास्ते पर ले जाने के लिए आपको कमान संभालनी होगी। आप लोगों के पास जाकर उन्हें जागरूक करिए, ईमानदारी की धारा में आने के लिए प्रेरित करिए।”

3) सवा सौ करोड़ का भरोसा मत टूटने दीजिए

“मेरा आपसे निवेदन है कि आपके सिग्नेचर पर हिंदुस्तान के सवा सौ करोड़ नागरिकों का जो भरोसा है, उस भरोसे को टूटने मत दीजिए, खंरोच मत आने दीजिए। अगर मन में ये महसूस करते हैं कि भरोसा टूटा है तो इसे फिर से बनाने के लिए पहल करिए।”

4) ठान लीजिए कि कोई टैक्स चोरी नहीं करेगा

“देश के गरीबों को उनके अधिकार दिलाने में मदद करना, इससे बड़ी सेवा क्या हो सकती है। आपका एक हस्ताक्षर देश के गरीबों की कितनी मदद कर सकता है, इसकी आपने भी कल्पना नहीं की होगी। सामान्य आदमी के सपने पूरे करने में आपकी बहुत बड़ी भूमिकाहै। जब आप ठान लेंगे तो 1 जुलाई 2017 आपके जीवन का टर्निंग प्वाइंट बन जाएगा। एक बार आप ठान लेंगे तो मैं विश्वास से कह सकता हूं कि टैक्स चोरी करने की हिम्मत कोई नहीं कर पाएगा।”

5) बिग 4 को, बिग 8 में बदल दीजिए

“साथियों, मेरे मन में एक और अपेक्षा है और ये अपेक्षा इसलिए है कि आपमें उसे पूरा करने की ताकत है। क्यों आप पीछे हैं, मुझे समझ में नहीं आता। दुनिया में 4 बड़ी ऑडिट संस्थाएं है, जो प्रतिष्ठित हैं। इन कंपनियों को बिग 4 कहा जाता है। इन बिग 4 में हम कहीं नहीं हैं। आपमें क्षमता भी है और योग्यता की कोई कमी नहीं है। विश्व के अंदर हिंदुस्तान को अपना नाम रोशन करना है तो 2022 तक आप बिग 4 को बिग 8 में बदल देंगे। उसमें से बिग 4 जो मेरे सामने बैठे हैं, वही होंगे। हमारा ये सपना होना चाहिए।”

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