Applicability of GST in Hindi, 30 जून को रात 12 बजे संसद से लॉन्च होगा GST

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Applicability of GST in Hindi, 30 जून को रात 12 बजे संसद से लॉन्च होगा GST

Applicability of GST in Hindi, क्या जी.एस.टी. एक जुलाई 2017 से लागू हो पायेगा?, When GST is Applicable in India Know Details  in Hindi, What if GST is Not Applicable from 01-07-2017. Last Date for GST Applicability in India is 01-09-2017 (1st September 2017). Recently Rajya Sabha Passed GST Bill and Modi Govt Want to Applicable this bill from 1st July 2017. In this article you may find complete details for Applicability of GST in India in Hindi Language, we already provided GST Applicability Details in English in our another article, in this article we provide applicability details in Hindi. In this article you can find following information – क्या जी.एस.टी. एक जुलाई 2017 से लागू हो पायेगा and क्या होगा यदि सितम्बर 2017 में भी जी.एस.टी. नहीं आया तो ?. Now scroll down below n check more details for“Applicability of GST in Hindi, क्या जी.एस.टी. एक जुलाई 2017 से लागू हो पायेगा?” from below…

Latest News on Applicability of GST in Hindi (21-06-2017)

देश के सबसे बड़े टैक्स रिफॉर्म गुड्स और सर्विस टैक्स (जीएसटी) बिल के लागू होना का रास्ता साफ हो गया। राज्यसभा में लंबी बहस के बाद बिल पारित हो गया।इस बिल के पक्ष में 203 वोट पड़े, जबकि इसके विरोध में कोई वोट नहीं पड़ा। इससे पहले अन्नाद्रमुक के सदस्य बिल के विरोध में सदन से बहिर्गमन कर गए।…30 जून को रात 12 बजे संसद से लॉन्च होगा GST, प्रणब मुखर्जी-मोदी रहेंगे मौजूद…

30 जून को रात 12 बजे संसद से लॉन्च होगा GST, प्रणब मुखर्जी-मोदी रहेंगे मौजूद

फाइनेंस मिनिस्‍टर अरुण जेटली ने कहा है कि गुड्स एंड सर्विसेस टैक्‍स (जीएसटी) 30 जून को रात 12 संसद से लॉन्‍च होगा। देशभर में जीएसटी 30 जून-1 जुलाई की मध्‍य रात्रि से लागू हो जाएगा। राष्‍ट्रपति प्रणब मुखर्जी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जीएसटी को लॉन्‍च करेंगे। जेटली ने सोमवार को प्रेस कॉन्‍फ्रेंस कर बताया कि 30 जून की आधी रात को संसद के सेंट्रल हॉल में दोनों सदनों का विशेष सेशन बुलाया जाएगा। GST आजादी के बाद सबसे बड़ा टैक्‍स रिफॉर्म…

Applicability of GST in Hindi

  • अरुण जेटली ने बताया कि जीएसटी लॉन्‍च प्रोग्राम में 2 शार्ट फिल्‍में दिखाई जाएगी। जीएसटी लॉन्‍च प्रोग्राम में राष्‍ट्रपति के अलावा उपराष्‍ट्रपति हामिद अंसारी, लोकसभा अध्‍यक्ष सुमित्रा महाजन और पूर्व पीएम मनमोहन सिंह और देवगौड़ा भी शामिल होंगे।
  • उन्‍होंने कहा कि सभी सांसदों, मुख्‍यमंत्रियों और राज्‍यों के फाइनेंस मिनिस्‍टर्स को जीएसटी लॉन्‍च प्रोग्राम के लिए आमंत्रित किया गया है।
  • जीएसटी लागू हो जाने के बाद इनडायरेक्‍ट टैक्‍सेशन में बड़ा बदलाव आएगा। जीएसटी आजादी के बाद देश का सबसे बड़ा टैक्‍स रिफॉर्म है।
  • मोदी सरकार ने जीएसटी लागू होने के ऐतिहासिक मौके के मद्देनजर 30 जून की रात संसद का विशेष सेशन बुलाने का प्रस्ताव रखा है। यह सेशन 30 जून की रात 11 बजे शुरू होकर 12:10 बजे तक चलेगा।
  • संसद का यह विशेष सत्र दोनों सदनों का ज्‍वाइंट सेशन होगा।
  • ऐसा पहली बार होगा जब किसी कानून को लागू करने के लिए आधी रात को संसद सत्र बुलाया जाएगा। इससे पहले 14 अगस्त 1947 को आधी रात को विशेष सत्र बुलाया गया था।

दो राज्‍य छोड़कर सभी पास किया जीएसटी

  • जेटली ने कहा, ‘‘जीएसटी काउंसिल द्वारा सभी फैसले सर्वसम्‍मति से लिए गए। केरल और जम्‍मू एंड कश्‍मीर को छोड़कर सभी राज्‍यों ने जीएसटी कानून को पारित कर दिया है।’’
  • ‘‘केरल जीएसटी कानून को इस सप्‍ताह पास कर देगा। जम्‍मू कश्‍मीर में जीएसटी पर काम हो रहा है।’’

When GST is Applicable – GST is applicable from 1st July 2017.

Must – When will GST be applicable Know Details in English

Applicability of GST in Hindi, When GST is Applicable in India

क्या जी.एस.टी. एक जुलाई 2017 से लागू हो पायेगा

वर्ष 2006 में जब पहली बार जी.एस.टी. का जिक्र किया गया तब यह कहा गया था कि यह एक जुलाई 2010 पूरे भारत में लागू कर दिया जाएगा तब से लेकर अभी तक यह बहुचर्चित नयी कर प्रणाली राज्यों एवं केंद्र के बीच एक विवाद का विषय बन कर रह गयी थी  और प्रारम्भ से ही जी.एस.टी. को लेकर यह प्रचरित किया जाता रहा है कि इस कर प्रणाली से ना सिर्फ राजस्व में वृद्धि होगी बल्कि उपभोक्ताओं को भी लाभ होगा . यों तो ये दोनों तथ्य अर्थात राजस्व में वृध्दि होना और उपभोक्ताओं को भी सस्ती वस्तुए मिलना आपस में विपरीत तथ्य है लेकिन फिर भी हम इस पर विश्वास कर ले तब फिर यह सवाल उठता है कि फिर जी.एस.टी. को लागू करने में देरी क्यों हो रही थी या अभी भी हो रही  है ?

जी.एस.टीभारत में केवल एक कर ही नहीं है यह केंद्र और राज्यों के बीच कर लगाने के अधिकारों की एकराजनैतिक लड़ाई भी है और जी.एस.टीमें “राज्यों के कर लगाने के अधिकारों” की रक्षा राज्य केंद्र के साथ दोहरे कर के रूप में जी.एस.टी. का प्रस्ताव मनवा कर कर चुके है लेकिन अभी भी जी.एस.टी. पर कई मुद्दों पर राज्यों की अपनी आशंकाए है लेकिन विधान सभाओं में जब अनुमोदन के लिए जी.एस.टी. बिल रखा गया तो इन सब विषयों पर कोई चर्चा ही नहीं हुई और इस तरह भारत में जी.एस.टी. की राह आसान हो गई और जो विचार विधान सभाओं में नहीं हुआ अब वह जी.एस.टी. कौंसिल में हो रहा है इसीलिये जी.एस.टी. कौसिल एक बहुत ही शक्तिशाली संस्था की संज्ञा दी गई है .

जी.एस.टी. के दौरान डीलर्स पर नियंत्रण का मामला केंद्र और राज्यों के बीच अटका हुआ है और इसी मुद्दे पर जी.एस.टी. कौंसिल की कुछ औपचारिक एवं अनौपचारिक  मीटिंग्स अनिर्णीत स्थगित हो चुकी है और इसके अतिरिक्त राज्य सरकारें भी “नोटबंदी” के उनकी अर्थव्यवस्था पर लघुकालीन प्रभाव से भी आशंकित है ऐसी भी ख़बरें आ रही है, स्वयं भारतीय रिज़र्व बैंक भी “नोटबंदी” प्रारम्भिक प्रभावों को लेकर निश्चित नहीं है  इसीलिये हो सकता है कुछ राज्य अब शायद 1 जुलाई 2017 से जी.एस.टी. लगाने में सहयोग देने को तैयार नहीं हो क्यों कि अब इस तारीख में केवल तीन माह ही बचे है और यह भी हो सकता है कि केंद्र एवं राज्य दोनों ही जी.एस.टी. लागू करने के लिए उपयुक्त समय की प्रतीक्षा करना ही उचित समझें .

अब 1 जुलाई 2017 से जी.एस.टी. लगने की संभावना कम होती जा रही है  .

Section 161 of GST 

क्या होगा यदि सितम्बर 2017 में भी जी.एस.टी. नहीं आया तो ?

लेकिन अभी भी जी.एस.टी. के 1 जुलाई 2017 से लगने पर संशय कायम है और इस तरह की ख़बरें भी आ रही है कि शायद एक जुलाई 2017 को जी.एस.टी. लागू नहीं हो और इन खबरों को और भी वजन वित्त मंत्री के उस बयान से भी मिलता है कि यदि सितम्बर 2017 तक जी.एस.टी. लागु नहीं हुआ तो भारत में कोई प्रत्यक्ष कर ही नहीं रहेगा और इससे ऐसा लगता है कि उन्हें भी एक जुलाई 2017 से जी.एस.टी. होने में संदेह है इसीलिये वे अभी से सितम्बर 2017 की बात कर रहें है .

वैसे यदि सरकार सितम्बर 2017 में भी जी.एस.टी. लागू नहीं कर पाई तो भी देश में वर्तमान अप्रत्यक्ष करों को जारी रखने के लिए संसद में जा सकती है या राष्ट्रपति महोदय की मदद ले सकती है अत; इस सम्बन्ध में कोई बड़ी परेशानी खड़ी हो ऐसा नहीं है .

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