जीएसटी के रजिस्ट्रेशन में नहीं दें गलत जानकारी, कभी भी हो सकती है स्क्रूटनी

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जीएसटी के रजिस्ट्रेशन में नहीं दें गलत जानकारी, कभी भी हो सकती है स्क्रूटनी

जीएसटी के रजिस्ट्रेशन में नहीं दें गलत जानकारी, कभी भी हो सकती है स्क्रूटनी: गुड्स एंड सर्विस टैक्स (जीएसटी) लागू करने को लेकर सेल्स टैक्स आैर सर्विस टैक्स विभागों की क्या तैयारियां हैं। एक जुलाई से जीएसटी लागू होने जा रहा है, लेकिन अब तक बड़ी संख्या में व्यापारियों ने जीएसटी में रजिस्ट्रेशन नहीं करवाया। जिनका सालाना टर्नओवर 20 लाख रुपए है, उनके लिए इसकी अनिवार्यता नहीं है। लेकिन इससे अधिक का टर्नओवर करने वाले कई ऐसे व्यापारी हैं, जिन्होंने अब तक रजिस्ट्रेशन नहीं करवाया है। 25 से 30 सितंबर को अब आखिरी बार जीएसटी रजिस्ट्रेशन की ऑनलाइन विंडो खुलने जा रही है। अब यह सवाल सभी व्यापारियों आैर ग्राहकों के जहन में है कि क्या जीएसटी में रजिस्ट्रेशन नहीं करवाने वाले व्यवसाय कर सकेंगे या नहीं। जीएसटी लागू होने के बाद किन कामों को करने से मुश्किलें बढ़ेंगी आैर कौन कौनसे काम आसानी से किए जा सकेंगे। यह भी अब हर कोई जानना चाहता है। भास्कर ने संबंधित विभागों के आला कमानों से जाना कि जीएसटी को लेकर क्या-क्या तैयारियां हैं, कैसे लागू होगा आैर क्या-क्या रही हैं परेशानियां। पेश है जीएसटी से जुड़ी विस्तृत रिपोर्ट

जीएसटी के रजिस्ट्रेशन में नहीं दें गलत जानकारी, कभी भी हो सकती है स्क्रूटनी

व्यापारियों में यह चर्चाएं

पुराने स्टॉक का क्या करेंगे – सरकार ने जल्दबाजी में यह निर्णय किया है। अभी तक लोग नोटबंदी और केशलैस ट्रांजेक्शन से उभरे नहीं है। अब दुकानदार बस कागजी कार्रवाई में उलझा रहेगा। अभी तक स्टॉक को लेकर भी समस्या बनी हुई है। किसी के पास सालभर पुराना स्टॉक है तो उसे तो भारी नुकसान उठाना पड़ेगा।  वह सब कुछ जो आप जानना चाहते है

नहीं बनााएं गलत इनवॉइस

जीएसटीलागू होने के बाद गलत इनवॉयस जारी नहीं करें, ऐसा करना अपराध माना जाएगा। इतना ही नहीं, बिना इनवॉयस के माल की आपूर्ति करने के साथ किसी भी व्यक्ति को लाभ पहुंचाना अपराध की श्रेणी में आएगा। यह बेहतर होगा कि अच्छा कि आप ऐसा करने से बचें, वरना आप के खिलाफ कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जा सकती है।

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जीएसटी फर्जी रिकाॅर्ड पेश किया तो होगी मुश्किल

कारोबारियोंको जीएसटी में माइग्रेट करने के प्रक्रिया जारी है। सर्विस टैक्स विभाग का कार्य लगभग पूर्ण हो चुका है, जबकि सैल्स टैक्स विभाग माइग्रेट की प्रक्रिया में जुटा है। इसके लिए दो बार जीएसटी पोर्टल खुल चुका है अब तीसरी बार 25 जून को फिर खुल रहा है। खासतौर पर ध्यान दें, यदि जीएसटी के अंतर्गत रजिस्ट्रेशन के दौरान गलत जानकारी दी और टैक्स बचाने के लिए फर्जी फाइनेंशियल रिकार्ड पेश किया तो मुश्किलें बढ़ सकती हैं। बता दें कि – इस प्रक्रिया को पूरी करने के बाद और जीएसटी आईएन जारी करने से पहले सरकार रिकार्ड की स्क्रूटनी कर सकती है। अगर ऐसे में गलत जानकारी देते हैं तो आप मुश्किल में पड़ सकते हैं।

टैक्स कलेक्ट करना होगा

जीएसटीलागू होने के बाद 1 जुलाई से जिलेभर के सभी व्यापारी अपने ग्राहकों से टैक्स कलेक्ट करके सरकार के पास जमा कराएं। यदि ऐसा नहीं किया तो यह अपराध माना जाएगा। ग्राहको से लिया गया जीएसटी हर तीन-तीन महीने के भीतर सरकार को देना है

25 से 30 सितंबर  2017 तक आखिरी मौका, पोर्टल पर खुलेगी विंडो

सेल्सटैक्स के दायरे में आने वाले व्यापारियों का जीएसटी में दो तरह से रजिस्ट्रेशन हो रहा है। प्राइमरी आैर सेकंडरी। प्राइमरी में करीब 80 प्रतिशत ने रजिस्ट्रेशन करवा लिया है। जबकि सेकंडरी में 20 फीसदी ने ही अब तक रजिस्ट्रेशन करवाया है। 25 से सितंबर जून के बीच आखिरी मौका है। ऑनलाइन विंडो खुलने जा रही है। जीएसटी के दायरे में आने के बावजूद यदि कोई व्यापारी जीएसटी में रजिस्ट्रेशन नहीं करवाता है तो वे व्यवसाय नहीं कर सकेगा। -डीसी गुप्ता, उपायुक्त (प्रशासन), सेल्स टैक्स विभाग

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इतनी जल्दबाजी क्यों

सर्विस टैक्स के दायरे में आने वाले कारोबारियों में से करीब 70 फीसदी से अधिक ने जीएसटी में रजिस्ट्रेशन करवा लिया है। ब्लॉक स्तर पर लगातार कार्यक्रम आयोजित कर जागरूकता फैलाई जा रही है। जगह-जगह होर्डिंग्स लगाए गए हैं, जिसमें जीएसटी की विस्तृत जानकारी है। 25 से 30 को आखिरी बार विंडो खुलने जा रही है। दफ्तर में हेल्पडेस्क भी आेपन है, जहां से जीएसटी के बारे में जानकारी ली जा सकती है। 30 जून को कार्यालय में जीएसटी-डे मनाया जाएगा। सुपर स्टार अमिताभ बच्चन जीएसटी के ब्रांड एंबेसेडर हैं। -डीके तिवारी एडीशनल कमिश्नर, सर्विस टैक्स विभाग

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