खरीद-बिक्री का हिसाब रखने के लिए सरकार ने जारी किया एक्सेल टेंपलेट

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खरीद-बिक्री का हिसाब रखने के लिए सरकार ने जारी किया एक्सेल टेंपलेट

खरीद-बिक्री का हिसाब रखने के लिए सरकार ने जारी किया एक्सेल टेंपलेट: जीएसटी नेटवर्क ने खरीद-बिक्री का हिसाब रखने में कारोबारियों की मदद के लिए शुक्रवार को एक्सेल टेंपलेट लांच कर दिया। कारोबारी इसे डाउनलोड करके इसमें नियमित रूप से डाटा फीड करके रख सकते हैं। रिटर्न का ऑफलाइन टूल 15 जुलाई को लांच होगा। उस टूल में एक्सेल टेंपलेट का डाटा इंपोर्ट हो जाएगा। फिर उसे रिटर्न के रूप में अपलोड किया जा सकता है। जीएसटीएन का दावा है कि इससे कारोबारियों के लिए कंप्लायंस बहुत आसान हो जाएगा। जुलाई का रिटर्न 5 सितंबर तक

जीएसटी कानून के मुताबिक, हर महीने का रिटर्न अगले महीने की 10 तारीख तक फाइल करना है। हालांकि जुलाई-अगस्त के लिए इसमें ढील दी गई है। जुलाई का रिटर्न 5 सितंबर और अगस्त का 20 सितंबर तक फाइल किया जा सकता है। यह ऑफलाइन टूल जीएसटी कॉमन पोर्टल www.gst.gov.in से डाउनलोड किया जा सकता है। इसमें आठ वर्कशीट हैं।

खरीद-बिक्री का हिसाब रखने के लिए सरकार ने जारी किया एक्सेल टेंपलेट

इसमें रजिस्टर्ड कारोबारी को बिक्री, निर्यात की डिटेल्स, कंज्यूमर को बेचे गए सामान की जानकारी, क्रेडिट-डेबिट नोट आदि का विवरण भरा जा सकता है।

Section 21 of GST

जीएसटीएन चेयरमैन नवीन कुमार ने बताया कि यह एक्सेल टेंपलेट दूरदराज के कारोबारियों के लिए बहुत उपयोगी है जहां इंटरनेट की कनेक्टिविटी अच्छी नहीं रहती।

जीएसटी सेवा केंद्र के रूप में काम करेंगे सभी टैक्स ऑफिस

सरकार ने सभी टैक्स दफ्तरों को कुछ दिनों तक जीएसटी सेवा केंद्र के रूप में काम करने का निर्देश दिया है। इसका मकसद कारोबारियों को हरसंभव मदद करना है।

  • जीएसटी शनिवार को लागू होगा, इसलिए इन दफ्तरों को शनिवार को खुला रखने को कहा गया है।
  • जुलाई को अब ‘जीएसटी दिवस’ के रूप में मनाया जाएगा।

आजादी के 70 साल बाद का सबसे बड़ा टैक्‍स रिफॉर्म GST संसद के सेंट्रल हॉल से शुक्रवार रात ठीक 12 बजे लागू हो गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्‍ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने इसे लॉन्‍च किया। इस दौरान पीएम मोदी ने कहा कि जीएसटी आर्थिक आजादी है। जीएसटी का मतलब गुड एंड सिम्‍पल टैक्‍स है और इससे टैक्‍स टैरेरिज्‍म और इंस्‍पेक्‍टर राज खत्‍म होगा। सबसे अहम यह है कि सवा सौ करोड़ देशवासी इस ऐतिहासिक घटना के साक्षी हैं। वहीं, प्रणब मुखर्जी ने कहा कि ये भी गौर करने लायक बात है कि जीएसटी काउंसिल की 18 बैठकें हुईं और उनमें सारे फैसले आम सहमति से लिए गए। वर्षों पहले शुरू हुए लंबे सफर के पूरा होने का यह ऐतिहासिक मौका है।

GST लॉन्चिंग इवेंट में कांग्रेस के बायकॉट के चलते पूर्व पीएम मनमोहन सिंह नहीं पहुंचे। लेकिन मोदी ने इस टैक्स रिफॉर्म का क्रेडिट सभी को दिया। उन्होंने कहा  कि GST किसी एक दल की उपलब्धि नहीं है। यह सांझी विरासत है। उन्‍होंने कहा कि जीएसटी से किसी पर भी बोझ नहीं पड़ेगा। देश के गरीबों के हित के लिए यह व्‍यवस्‍था सबसे ज्‍यादा सार्थक होगी। अब व्यवस्था आसान हुई, टैक्स सिस्टम सरल और पारदर्शी हुआ है। उन्‍होंने कहा कि यह संयोग है कि गीता के भी 18 अध्याय थे और जीएसटी काउंसिल की भी 18 मीटिंग हुई। यह सफलता पूरे देश की एकजुटता का नतीजा है। जीएसटी आर्थिक एकीकरण की मिसाल है।

GST से आपकी जेब पर कितना होगा असर?

0% GST

खुला अनाज, ताजी सब्जियां, बिना मार्का आटा, बिना मार्का मैदा, बिना मार्का बेसन, गुड़, दूध, अंडे, दही, लस्सी, खुला पनीर, बिना मार्का नैचुरल शहद, प्रसाद, खजूर का बना गुड़, नमक, काजल, फूल झाड़ू, बच्चों की ड्रॉइंग की किताबें, एजुकेशन सर्विसेस और हेल्थ सर्विसेस पर जीएसटी लागू नहीं होगा।

5% GST

– चीनी, चाय पत्ती, कॉफी के भुने दाने, स्किम्ड दूध पाउडर, बच्चों का मिल्क फूड, पैक्ड पनीर, काजू, किशमिश, पीएसडी केरोसीन, एलपीजी, जूते-चप्पल (500 रुपए तक), कपड़े (1000 रुपए तक), अगरबत्ती, कॉयर मैट, चटाई और फ्लोर कवरिंग जैसी चीजें।

इन 4 तरीकों से वसूला जाएगा GST

12% GST

मक्खन, घी, बादाम, फ्रूट जूस, पैक्ड नारियल पानी, सब्जी, फल, नट्स, पौधों के पार्ट्स से बने प्रोडक्ट्स जैसे अचार, मुरब्बा, चटनी, जैम और जेली, छाता, मोबाइल जैसी चीजें।

18% GST

हेयर ऑयल, टूथपेस्ट, साबुन, पास्ता, कॉर्नफ्लैक्स, सूप, आइसक्रीम, टॉयलेट्रीज, कम्प्यूटर, प्रिंटर जैसी चीजें।

28% GST

एसी, फ्रिज, वॉशिंग मशीन, च्विइंगम, पान मसाला, बीड़ी, फूड बेवरेज, शेविंग क्रीम, शैम्पू, मार्बल, सीमेंट, एल्यूमिनियम के दरवाजे-खिड़कियां, कारें, टू-व्हीलर, रिस्ट वॉच, डिजिटल कैमरा जैसी चीजें।

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